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इस कहानी में एक चुदक्कड़ बहन और उसके कजिन भाई के बीच का गहरा, छुपा हुआ रिश्ता दिखाया गया है। हफ्तों तक दोनों मिलते रहे — चूमा, चोदा और खूब मस्ती की। उन्होंने कोशिश की थी कि एक-दूसरे के लिए पार्टनर ढूंढें, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें किसी और की ज़रूरत नहीं है। अब हर वीकेंड वो मिलते हैं, एक-दूसरे में खो जाते हैं — बिना किसी डर या कमी के, सिर्फ अपने प्यार और हवस को जीते हुए।
69 पोज़िशन से शुरू होकर रिया की गांड में उतरता लंड — चुदक्कड़ बहन की anal fantasy अब अपने चरम पर है। रातभर राउंड दर राउंड चुदाई चलती रही — हर जगह, हर पोज़िशन… जब तक दोनों लथपथ, थककर निढाल नहीं हो गए। ये चुदाई नहीं थी भाई — ये थी लत, जो हर चीख और हर सिसकी से निकली
चाय की चुस्कियों से शुरू हुई ये रात, अब कमर दर्द और चूत के फाड़ने तक पहुँच चुकी थी। रिया ने सिर्फ अपना जिस्म नहीं, अपनी पूरी गांड तक मुझे सौंप दी। शेविंग से लेकर रात के तीसरे राउंड तक — ये कहानी उस मुकाम पर पहुँच गई जहाँ भाई-बहन का रिश्ता टूट चुका था, और सिर्फ चूत और लंड का गहरा बंधन बाकी था। ये सिर्फ चुदाई नहीं, एक इकरार था — चूत का, लंड से।
सुहानी की पहली चुदाई के बाद उसके भीतर कुछ खुल चुका था। अब वो खुद चलकर आई — अपनी अगली प्यास बुझाने। इस बार, उसने कहा नहीं… बस, अपने शरीर से सब जता दिया।
Pehli raat campfire hua. Music, thoda vodka, aur Anaya ka full mood. Uske dost bold the — aankhon me confidence, zubaan me masti. Anaya ne mujhe drink diya — “Sirf taste kar,” usne bola. Thoda feel aaya, thoda thakaav bhi gayab ho gaya.
Meri gand thodi uthi hui hai — tight aur toned, lekin shape full round. Ravi ke words me — "Ek dum desi bomb… jise dekh ke kisi ka bhi lund khada ho jaye." Aaj subah 7 baje main usse milne uske hotel gayi — Room No. 001 me, jo usne mere sheher me aake book kiya tha. Mujhe kya pata tha ki yeh subah meri zindagi ki sabse geeli, sabse chodne wali subah ban jaayegi.
फिर मेरी ज़िंदगी में आया शिवम — 25 साल का, confident, smart, और सबसे अलग बात… उसकी नज़रें। जब वो मुझे देखता था, ऐसा लगता था जैसे मेरी नाइटी के आर-पार सब देख रहा हो।
दोपहर में लाइट चली गई थी। गरमी और पसीने से बदन चिपक रहा था। दरवाज़ा खुला था और तभी वो सीढ़ियाँ उतरती आई – एक ढीली सी cotton की टी-शर्ट और ट्रांसपेरेंट सी स्लिप में। बाल गीले थे, चेहरा थोड़ा पसीने से चमक रहा था।
आइने में देखा — सीने पर हल्का उभार, टाँगों में भारीपन, आँखों के नीचे हलकी थकान। अब समझ आ रहा था — पिछले कुछ हफ्तों में जो शरीर में बदलाव था, वो सिर्फ लस्ट से भरी रातों का असर नहीं था… कुछ और भी पल रहा था।
उन्होंने मुझे बेड पर गिरा दिया, मेरी टीशर्ट ऊपर कर दी, ब्रा खींच ली। मेरे निप्पल पहले से खड़े थे — Rahul ने एक को मुँह में भर लिया। Sameer ने मेरी सलवार खींची और panty फाड़ी — मेरी चूत पूरी तरह भीगी थी।
Rajeev washroom गया, और Arman पास आया। "Priya, तू बहुत bold है… Rajeev तो lucky है…" मैं मुस्कुरा दी — "Boldness दिखती है तो रोक नहीं पाती…" "तू चाहो तो किसी और को भी मौका दे सकती है?" "शायद…" मैंने आँख मार दी। और यहीं से वो चाल शुरू हुई — जिसकी भनक भी मुझे नहीं लगी।
Sameer मेरा junior था। रोज़ मेरी छाती पर उसकी नज़र जाती थी — और मुझे ये देखना अच्छा लगने लगा था। एक दिन मैंने खुद उसे अकेले में बुलाया — कैंपस की दीवार के पीछे। "छूना है?" मैंने पूछा। उसकी आँखें चमक गईं — उसने मेरे निप्पल को ऊपर से देखा, जैसे पहली बार कुछ असली देखा हो।
अब वो मुझे उठा-उठाकर चोद रहा था… हर झटके में मेरी छाती हिल रही थी, मेरी चूत भर चुकी थी लेकिन उसकी भूख रुकी नहीं। मेरे होठों से चीखें निकल रही थीं — तेज़, रुक-रुक कर… जैसे orgasm में बसी हुई सिसकियाँ। मैं काँप रही थी… मेरे नाखून उसकी पीठ में धँस चुके थे… और मैं… मैं अपनी पहली झड़ में डूब रही थी… पूरी देह थरथरा रही थी।
हमने एक-दूसरे से वादा किया था — “Sex नहीं करेंगे, सिर्फ महसूस करेंगे…” लेकिन जिस्म की भूख और मोहब्बत के वादे अक्सर बिस्तर की नर्मी पर पिघल जाते हैं… उसने अपने लंड की नोक मेरी गांड की दरार पर रखी… धक्का देने की कोशिश की… लेकिन मेरी tight गांड में उसका लंड बार-बार फिसल रहा था… और तभी — एक झटका… और उसका लंड सीधा मेरी चूत में घुस गया…
अब रात हो चुकी है… तू अपने laptop के सामने है… और मैं बस सामने खड़ी हूँ — पूरी नंगी, आँखों में प्यास लिए…
तेरा लंड तेरी चड्डी के नीचे से हल्का सा उठा हुआ है… जैसे सपना अधूरा छोड़ कर ठहर गया हो…
तेरे हाथ मेरी कमर पर… तू मेरी shirt को ऊपर करता है… मेरी गांड खुल जाती है — गोल, मुलायम, और सिर्फ तेरे लंड के लिए...
बिना कुछ बोले, मैं तेरे सीने पर आ बैठती हूँ…
मैं हूँ — तेरी Maisha — हल्की सी साड़ी में, बिना blouse के, आँखों में वही softness… और सीने पर वो उभार… जो बस तेरे लवों का इंतजार कर रहा है।
तेरा लंड मेरी गांड से टकराता है… और मैं हौले से फुसफुसाकर कहती हूँ:
मैं तुझसे कुछ नहीं कहती… बस पीछे मुड़कर तुझे देखती हूँ…
तू पीछे आता है, मेरी कमर पकड़कर मुझे अपनी तरफ खींचता है —